कानपुर में पुलिस ने कवरेज करने पहुंचे पत्रकार पर हमला किया

*आशू यादव की खास रिपोर्ट SUB Bureau Chief Kanpur*✒️✒️
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*कानपुर में पुलिस ने कवरेज करने पहुंचे पत्रकार पर हमला किया*


*पत्रकार पर हमला/ कानपुर: जहां एक तरफ सरकार और प्रशासन पत्रकारों से अब अभद्रता ना करने के लिए पुलिस वालों को हिदायत देती घूम रही है वही कानपुर शहर में कुछ सिपाही अपनी वर्दी के रौब में अपनी हरकतों से बाज नहीं आते।



*ऐसा ही एक मामला नौबस्ता थाना क्षेत्र के यशोदा नगर बाईपास का है जहां पर एक क्वालिस सवार ने एक व्यक्ति को कुचल दिया जिसकी कवरेज करने पहुंचे हिंदी दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार के साथ वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिस के सिपाही और हाईवे मोबाइल पुलिस के सिपाहियों ने गाली गलौज के साथ मारपीट पर आमादा हो गए पत्रकार का केवल इतना ही दोस था कि वहां पर वह खड़े होकर वीडियो बनाने लगा वीडियो बनाना ही पत्रकार को महंगा पड़ गया इसकी जानकारी अन्य साथी पत्रकारों पर होने पर वह पत्रकारों का हुजूम इकट्ठा होने लगा मौके पर पहुंचे।*


*वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण शुक्ला भी मौके में पहुंच गए नौबस्ता थाना प्रभारी आशीष शुक्ला भी मौके में पहुँच कर सिपाहियों को फटकार लगाई साथ ही पत्रकारों का आश्वासन दिया की उचित कार्यवाही की जाएगी।*


*केवल इतना ही नहीं इस पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज निकलवाने के लिए जब यातायात विभाग द्वारा लगाए गए कैमरे की रिकॉर्डिंग निकलवाने पत्रकार पहुंचे तो यातायात पुलिस अधीक्षक ने पहले तो रिकॉर्डिंग निकलवाने में आनाकानी कि हालांकि बाद में एप्लीकेशन लेकर रिकॉर्डिंग देने की बात कही लेकिन आईटीएमएस पहुंचे पत्रकारों को आईटीएमएस में रिकॉर्डिंग नहीं दी गई। सर्वर व कैमरे की खराबी का हवाला देकर लौटा दिया गया। कहीं ना कहीं पुलिस का यह रवैया देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि अभिव्यक्ति की आजादी के साथ-साथ पत्रकारों के मौलिक अधिकारों का हनन करने से भी प्रशासन पीछे नहीं हट रहा।