स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा का शाहदरा (उत्तरी)जोन में विद्यालयों का निरीक्षण, सुधार के सख्त निर्देश

11 अप्रैल 2026


दिल्ली


स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने आज शाहदरा (उत्तरी)जोन के गौतम पुरी वार्ड स्थित नगर निगम विद्यालयों—आवासीय परिसर, कैथवाड़ा एवं ब्रह्मपुरी (T-1)—का निरीक्षण किया। इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त (शिक्षा) श्री संजीव कुमार मित्तल, उपायुक्त (शाहदरा उत्तर जोन) सुश्री ममता यादव, निदेशक (शिक्षा) श्री निखिल तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



निरीक्षण के दौरान स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने विद्यालयों में छात्रों की कम संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने शिक्षकों की कमी के बावजूद दो शिफ्टों में कक्षाएं चलने पर नाराजगी जताते हुए सभी कक्षाओं को एक ही शिफ्ट में संचालित करने और रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।



स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अभिभावकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बिना अनुमति अवकाश लेने वाले शिक्षकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में सभी शिक्षक नियमानुसार पूर्व स्वीकृति लेकर ही अवकाश लें।


निरीक्षण में विद्यालयों में प्रकाश व्यवस्था की कमी भी सामने आई, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से ब्रह्मपुरी (T-1) स्थित विद्यालय में शौचालयों की खराब स्थिति और साफ-सफाई में कमी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।



इस अवसर पर स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा की दिल्ली नगर निगम विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की संख्या बढ़ाने, शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और विद्यालयों के समग्र वातावरण को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिल सकें।

स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने टाउन हॉल, चांदनी चौक के संरक्षण व पुनर्विकास योजना को मिली मंजूरी दी

दिल्ली

स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल भवन के संरक्षण एवं एडैप्टिव रीयूज से जुड़े विस्तृत प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दिल्ली की विरासत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक स्वरूप में जनता के लिए पुनर्जीवित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।



सत्या शर्मा ने बताया कि दिल्ली नगर निगम के स्वामित्व वाला यह 160 वर्ष पुराना टाउन हॉल भवन वर्ष 1861-66 के बीच ‘दिल्ली इंस्टीट्यूट’ के रूप में निर्मित हुआ था, जिसे 1866 में नगर निगम मुख्यालय में परिवर्तित किया गया। वर्ष 1935-39 के दौरान इसका विस्तार कर इसे दो मंजिला भवन के रूप में विकसित किया गया, जिसमें पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी विंग शामिल हैं। वर्ष 2012 तक यह भवन निगम मुख्यालय रहा, लेकिन उसके बाद से यह परिसर काफी हद तक खाली और अनुपयोगी पड़ा है।


उन्होंने कहा कि यह इमारत दिल्ली सरकार द्वारा अधिसूचित ग्रेड-1 हेरिटेज संरचना है, जो संरक्षण की सर्वोच्च श्रेणी में आती है। ऐसे में इसका पुनर्विकास पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके और हेरिटेज मानकों के अनुरूप किया जाएगा, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान अक्षुण्ण बनी रहे।


सत्या शर्मा ने बताया कि 11 फरवरी 2026 को एमसीडी आयुक्त द्वारा साइट निरीक्षण किया गया, जिसमें इस परिसर के समग्र पुनर्विकास के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों के सहयोग से कार्य करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC) से संपर्क किया गया, जिसने इस परियोजना के लिए “टाउन हॉल इमर्सिव म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर” का कॉन्सेप्ट प्रस्ताव प्रस्तुत किया।


उन्होंने कहा कि 2 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद DTTDC ने 17 मार्च 2026 को पत्र के माध्यम से परियोजना के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी का अनुरोध किया। यह प्रस्ताव भारत सरकार के “नेशनल मिशन फॉर डेवलपिंग फिफ्टी ग्लोबली कम्पेटिटिव टूरिज्म डेस्टिनेशन” के तहत पीएलआई आधारित डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कॉन्सेप्ट के अनुरूप तैयार किया गया है।


सत्या शर्मा के अनुसार, प्रस्ताव के तहत टाउन हॉल को एक आधुनिक इमर्सिव म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें शाहजहानाबाद और टाउन हॉल के इतिहास को इंटरएक्टिव गैलरी, आर्काइव डिस्प्ले, डिजिटल तकनीक और मल्टीलिंगुअल सेवाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही शैक्षणिक कार्यक्रम, गाइडेड हेरिटेज वॉक, सार्वजनिक सहभागिता गतिविधियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, हेरिटेज रिटेल और फूड एंड बेवरेज सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।


उन्होंने बताया कि इस परियोजना को “डेवलप-ऑपरेट-मेंटेन मॉडल के तहत लागू किया जाएगा। इसमें एमसीडी पर कोई पूंजीगत व्यय नहीं आएगा, जबकि स्वामित्व और नियंत्रण पूरी तरह एमसीडी के पास ही रहेगा। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एमसीडी, DTTDC और कंसेशनायर के बीच त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा। ऑपरेटर को राजस्व सृजन और संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि हेरिटेज संरक्षण मानकों का पालन अनिवार्य होगा।


सत्या शर्मा ने बताया कि परियोजना से राजस्व के प्रमुख स्रोतों में संग्रहालय प्रवेश शुल्क, हेरिटेज सर्किट पैकेज, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थल किराया, हेरिटेज रिटेल और फूड एंड बेवरेज सेवाएं शामिल होंगी।


उन्होंने कहा कि यह परियोजना लगभग 36 महीनों में चार चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण (1-8 माह) में संरचनात्मक आकलन, कंजरवेशन प्लान, रूट मैपिंग और हितधारकों से परामर्श किया जाएगा। दूसरे चरण (9-20 माह) में संरक्षण कार्यों का क्रियान्वयन और वित्तीय मॉडल तैयार किया जाएगा। तीसरे चरण (21-30 माह) में म्यूजियम फिट-आउट, डिजिटल इंटरप्रिटेशन, गैलरी विकास और स्टाफ प्रशिक्षण होगा। चौथे चरण (33 माह के बाद) में परियोजना का सार्वजनिक उद्घाटन, हेरिटेज सर्किट लॉन्च और संचालन शुरू किया जाएगा।


सत्या शर्मा ने स्पष्ट किया कि परियोजना की कुल लागत, फंडिंग व्यवस्था, राजस्व साझेदारी, संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारियां और कंसेशन अवधि जैसे पहलुओं को विस्तृत अध्ययन, व्यवहार्यता विश्लेषण और सभी हितधारकों के परामर्श के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके लिए DTTDC को डीपीआर तैयार करने, तकनीकी एवं वित्तीय व्यवहार्यता अध्ययन करने, पीपीपी/DOM मॉडल तैयार करने, राजस्व संरचना विकसित करने और नेशनल मिशन के तहत प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है।


उन्होंने कहा कि यह मॉडल एमसीडी के लिए कम जोखिम और अधिक प्रभाव वाला साबित होगा, जिससे बिना वित्तीय बोझ के एक ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण और पुनर्जीवन संभव होगा। इससे चांदनी चौक में पर्यटन और फुटफॉल बढ़ेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और निगम के लिए स्थायी राजस्व के नए स्रोत विकसित होंगे।


सत्या शर्मा ने कहा कि टाउन हॉल का यह पुनर्विकास दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित एवं जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यूथ कांग्रेस का शर्टलेस आंदोलन सराहनीय और ऐतिहासिक : इमरान प्रतापगढ़ी

उदयभानु की ज़मानत का मतलब लोकतांत्रिक प्रदर्शन आपका अधिकार 


नई दिल्ली। 


कांग्रेस राज्यसभा सांसद और अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने भारतीय युवक कांग्रेस के नेताओं को सम्बोधित करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया और भारतीय युवक कांग्रेस के आंदोलन की सराहना की। 



सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यह शर्टलेस आंदोलन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की याद दिलाता है और साथ ही साथ पुलिस को याद रखना चाहिए कि सरकारें तो आती-जाती रहती हैं लेकिन नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से नहीं रोकना चाहिए और यह हक हमारे देश का संविधान हमारे नागरिकों को देता है और जब जब देश की सरकार अपनी हठधर्मी और गलत नीतियों से हमारे अधिकारों का पतन करने पर उतारू हो तो सारे देश के नागरिकों को सरकार को जगाने के लिए और अपने हितों की रक्षा करने के लिए आंदोलन करना चाहिए और सभी से डॉ. भीमराव अंबेडकर के लिखे हुए संविधान की रक्षा पर जोर दिया। 


इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने भाषण में कहा कि यदि सरकार “Shameless”, प्रशासन “Careless”, मीडिया “Pointless” और प्रधानमंत्री “Useless” हो जाए, तो यूथ कांग्रेस भी अपने विरोध को शर्टलेस होकर व्यक्त कर सकते हैं। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने यूथ कांग्रेस के नेताओं के इस विरोध को विरोध का बिल्कुल सही तरीका बताया और इस आंदोलन की गांधी जी के आंदोलन से तुलना की।

भारतीय युवक कांग्रेस के मुख्यालय में कांग्रेस के युवा नेताओं को संबोधित करते हुए प्रतापगढ़ी ने वर्तमान राजनीतिक हालात और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव (अमेरिका आदि) का उल्लेख भी किया और पूछा कि ऐसी क्या वजह है कि नरेंद्र मोदी जी ने अगर हमारा यूथ शर्टलेस होकर प्रदर्शन करता है तो उनके घरों में रात में पुलिस भेज कर दबिश क्यों दी जा रही है,ऐसा क्या किया है जो रातों को बेबुनियाद मुकदमा बनाकर झूठी धाराएं लगाकर रातों को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने भी यूथ कांग्रेस से यही कहा है उन्होंने शर्टलेस होकर कोई अपराध नहीं किया है और अपने विरोध को व्यक्त किया है और सरकार और पुलिस को भी यह समझना चाहिए कि ज़ुल्म को सहना भी उतना बड़ा जुर्म है जितना बड़ा जुर्म करना। 


भारतीय युवक कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब की ज़मानत पर खुशी ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि हमें देश की न्यायपालिका में पूरा भरोसा विश्वास है और सरकार और पुलिस की मिलीभगत की तानाशाही का जवाब न्यायपालिका ने दे दिया है कि लोकतंत्र में प्रदर्शन करना अपने हितों की रक्षा करना हमारा अधिकार है और इमरान प्रतापगढ़ी ने कांग्रेस पार्टी के लीगल विभाग और सभी वकीलों को इस बात के लिए मुबारकबाद दी कि उनकी बेहतर कोशिशों और पैरवी के आगे भाजपा सरकार की हार हुई और न्यायपालिका ने जमानत देकर राहत देने का काम किया

वर्दी पहनकर रौब गांठ रहा फर्जी दारोगा पकड़ा गया!

 कानपुर- 

वर्दी पहनकर रौब गांठ रहा फर्जी दारोगा पकड़ा गया।



अनवरगंज पुलिस ने फर्जी दारोगा संजय सिंह को किया गिरफ्तार।

उन्नाव निवासी संजय सिंह लखनऊ के अधिकारी की कार लेकर करता था वसूली।

अनवरगंज पुलिस फर्जी दारोगा संजय सिंह से कर रही पूंछताछ।

माननीय आशीष सूद श्रीमती सरोज झांब की याद में प्रार्थना सभा में शामिल हुए

नई दिल्ली: 

आशीष सूद, कैबिनेट मंत्री, गृह, बिजली और शिक्षा मंत्री; दिल्ली सरकार, श्रीमती सरोज झांब की याद में आयोजित प्रार्थना सभा में शामिल हुए। 



सरोज झांब, श्री ओम प्रकाश झांब की पत्नी थीं, जो भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व DGM थे और डॉ. रजत झांब की माँ थीं, जो मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर और गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल और यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ मेडिकल साइंसेज, दिल्ली में पूर्व एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट थे। वे श्री विपिन खरबबंदा, वाइस प्रेसिडेंट मार्केटिंग, दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप और श्री नवीन मलिक, CFO हिंदवेयर होम इनोवेशन लिमिटेड की सास थीं।



यह प्रार्थना सभा दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित की गई थी। इस सभा में जाने-माने लोग, मेडिकल बिरादरी के सदस्य, शुभचिंतक और परिवार के सदस्य मौजूद थे, जो श्रीमती सरोज झांब के लिए समाज में गहरे सम्मान और प्रशंसा को दिखाता है।



इस मौके पर, मंत्री ने दुखी परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई और गुज़र चुकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने इस मुश्किल समय में परिवार के साथ एकजुटता दिखाई और हेल्थकेयर सेक्टर में डॉ. रजत झांब के कीमती योगदान को माना।



समारोह प्रार्थना और याद के साथ खत्म हुआ, जिसमें श्रीमती सरोज झांब के जीवन और विरासत का सम्मान किया गया।

‘न्यू इंडिया’में शांति की बात करने वालों पर एफआईआर दर्ज होती हैं : इमरान प्रतापगढ़ी


नई दिल्ली. 

संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण पर राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान, कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने देश के मौजूदा हालात पर सत्ता पर काबिज़ लोगों को कटघरे में खड़ा किया।उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत कुछ इस तरह की, “जब माननीय राष्ट्रपति जी की आवाज़ संसद के गलियारों में सरकार की तारीफ़ करते हुए गूंज रही थी, तो हसदेव के जंगलों में कबाइली जीवन देने वाले पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने की आवाज़ मेरे कानों में गूंज रही थी। 



एक तरफ़ प्रधानमंत्री माननीय राष्ट्रपति जी के भाषण पर मेज़ थपथपा रहे थे, दूसरी तरफ़ उत्तराखंड की अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए आवाज़ धीमी होती जा रही थी और पूछ रहे थे कि वो वीआईपी कौन है, जिसके लिए अंकिता भंडारी को मार दिया गया।” इमरान प्रतापगढ़ी ने राज्यसभा में अपनी बात मजबूती से रखते हुए कहा कि यहां राष्ट्रपति जी सोशल जस्टिस की बात कर रही थी, वहीं पुलिस उत्तराखंड के कोट द्वार में एक बुज़ुर्ग को नफ़रत फैलाने वाले लोगों से बचाने वाले दीपक पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर रही थी।बीजेपी के ‘न्यू इंडिया’ में दंगा करने वालों पर एफआईआर नहीं होती, लेकिन शांति और प्यार की बात करने वालों पर एफआईआर होती है। 


उन्होंने यह भी याद दिलाया कि “असम के मुख्यमंत्री सरेआम संवैधानिक प्रोटोकॉल तोड़ते हैं और कहते हैं – मुसलमानों पर इतना अत्याचार करो कि वे राज्य छोड़ने पर मजबूर हो जाएं।कांग्रेस सांसद ने बीजेपी सरकार में अल्पसंख्यक समुदाय को लगातार निशाना बनाए जाने की ओर इशारा करते हुए मौजूदा हालात को चिंताजनक बताया।उन्होंने कहा कि बरेली में खाली घर में नमाज़ पढ़ने वालों पर पुलिस केस दर्ज करती है, क्रिसमस की तैयारी करते समय ईसाइयों पर केस दर्ज किए जाते हैं, मध्य प्रदेश के बैतूल में मोहम्मद नईम के बनाए स्कूल पर बुलडोज़र चलाया जाता है, बनारस की दाल मंडी में सैकड़ों दुकानें तोड़ दी जाती हैं, कोर्ट के स्टे के बाद भी, जम्मू-कश्मीर में जब नीट क्वालिफाई करने वाले 42 मुस्लिम बच्चों को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिलता है, तो उनका अप्रूवल कैंसिल कर दिया जाता है और वे जश्न मनाते हैं।इमरान प्रतापगढ़ी ने बीजेपी नेताओं द्वारा देश की सम्मानित हस्तियों के साथ दुर्व्यवहार पर गहरी चिंता जताई। 


उन्होंने कहा कि जो नसल अपने बुजुर्गों को बुरा भला कहती है कुदरत उसके साथ इंसाफ करती है। बीजेपी वाले नेहरू जी, इंदिरा जी के बारे में बुरा-भला कहते हैं, लेकिन वे नेहरू जी को कभी छोटा नहीं कर पाएंगे। उन्हें याद रखना चाहिए, नेहरू जी का नाम अल्बर्ट आइंस्टीन' और नरेंद्र मोदी का नाम 'एपस्टीन' के साथ लिया जाता है।जब इमरान प्रतापगढ़ी राज्यसभा में अपनी बात रख रहे थे, तो कुछ ऐसे मौके आए जब रूलिंग पार्टी के नेताओं ने हंगामा किया, लेकिन कांग्रेस सांसद बोलते रहे।खासकर हरिवंश, जो आखिर में सदन की कार्यवाही संभाल रहे थे, ने कहा कि आपत्तिजनक शब्दों को रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जाएगा।

ओखला औद्योगिक क्षेत्र में MSME सशक्तिकरण पर भव्य व्यवसायिक संगोष्ठी

व्यवसाय विस्तार, जोखिम प्रबंधन, सरकारी नीतियों एवं तकनीकी पारदर्शिता पर विशेषज्ञों ने रखा पक्ष


नई दिल्ली 


देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले **सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME)** क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ओखला औद्योगिक क्षेत्र में एक **भव्य व्यवसायिक विकास संगोष्ठी** का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन **प्रवीण शर्मा जी** के नेतृत्व में तथा **सीए अमित बटला जी** के सहयोग से किया गया, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में उद्यमियों, उद्योगपतियों एवं युवा व्यवसायियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।




कार्यक्रम में **विशेष अतिथि** के रूप में **श्री अमित शर्मा जी (IRS)** उपस्थित रहे, जो वर्तमान में **नेशनल फर्टिलाइज़र लिमिटेड में मुख्य सतर्कता अधिकारी (Chief Vigilance Officer)** के पद पर कार्यरत हैं तथा पूर्व में **नगर निगम दिल्ली (MCD) में अतिरिक्त आयुक्त** के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएँ दे चुके हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव एवं नीति-निर्माण की गहरी समझ ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।


इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य **MSME उद्यमियों को वर्तमान आर्थिक परिवेश में व्यवसाय को आगे बढ़ाने की रणनीतियाँ**, बाज़ार में आ रही चुनौतियाँ, वित्तीय एवं परिचालन जोखिमों से निपटने के उपाय तथा **सरकारी नीतियों और योजनाओं की व्यावहारिक जानकारी** प्रदान करना रहा।


कार्यक्रम के दौरान **श्री विभूति शर्मा जी** एवं **श्री राहुल अरोड़ा जी** ने व्यवसायिक विस्तार पर अपने विचार रखते हुए कहा कि बदलते समय में उद्यमियों को **नवाचार, योजनाबद्ध जोखिम तथा दीर्घकालिक सोच** के साथ निर्णय लेने होंगे। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद सही रणनीति अपनाकर व्यवसाय को स्थिरता एवं वृद्धि की दिशा में ले जाया जा सकता है।


अपने मुख्य संबोधन में **श्री अमित शर्मा जी (IRS)** ने कहा कि केंद्र सरकार MSME सेक्टर को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि **डिजिटल तकनीक, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी प्रणालियों** के माध्यम से सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है। इसका सीधा लाभ व्यापारियों को मिल रहा है, क्योंकि अब वे प्रशासनिक बाधाओं से मुक्त होकर **अपने व्यवसाय के विस्तार, गुणवत्ता सुधार एवं नई तकनीक अपनाने** पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।


कार्यक्रम के आयोजक **प्रवीण शर्मा जी** ने MSME की आर्थिक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि **देश की कुल GDP में MSME का लगभग 30 प्रतिशत योगदान** है। भारत में करीब **7 करोड़ MSME इकाइयाँ** सक्रिय हैं, जो लगभग **35 करोड़ लोगों को रोजगार** उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कहा कि MSME सेक्टर न केवल रोजगार सृजन में बल्कि **ग्रामीण एवं शहरी अर्थव्यवस्था को संतुलित रखने** में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने सरकार से MSME सेक्टर के लिए **अधिक वित्तीय सहयोग, सरल ऋण प्रक्रिया, तकनीकी सहायता एवं नीतिगत स्थिरता** की अपील की।


इस अवसर पर **ऋषि जैन जी** ने भी उद्यमियों को संबोधित करते हुए व्यवसाय वृद्धि के व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने बाज़ार की माँग को समझने, लागत नियंत्रण, टीम निर्माण तथा दीर्घकालिक योजना पर विशेष जोर दिया और कहा कि निरंतर सीखना ही सफल उद्यमी की पहचान है।


कार्यक्रम में ओखला क्षेत्र के अनेक **वरिष्ठ एवं युवा उद्योगपतियों** ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। प्रमुख रूप से उपस्थित उद्योगपतियों में **शिव शंकर शर्मा जी, पवन जी, सागर जी, भुवनेश चौहान जी, जगदीश जी, श्री गुप्ता जी, राम उजागर जी, भंडारी जी, ललित भगत जी, चिब्बर जी एवं चन्ना जी** शामिल रहे। सभी ने ऐसे मंच को समय की आवश्यकता बताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजनों की सराहना की।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर **श्री चुग जी** ने **विशेष अतिथि श्री अमित शर्मा जी**, उपस्थित **पत्रकार बंधुओं** एवं सभी उद्योगपतियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी अत्यंत **ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक** रही है। साथ ही उन्होंने **प्रवीण शर्मा जी से अनुरोध किया कि वे भविष्य में भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन करते रहें**, ताकि उद्यमियों को सही मार्गदर्शन मिलता रहे और उद्योग जगत को निरंतर लाभ हो।

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