नीरज अवस्थी दिल्ली
पूर्वी दिल्ली के थाना पांडव नगर क्षेत्र अंतर्गत शशि गार्डन के जवाहर मोहल्ला में स्थित मस्जिद के पीछे की गली के एक घर में स्थानीय सूत्रों और क्षेत्रवासियों के अनुसार, इरशाद नामक व्यक्ति लंबे समय से कथित रूप से गांजे की बिक्री का अवैध धंधा चला रहा था, जिसकी शिकायतें लगातार पुलिस तक पहुंचती रही थीं।
सूत्रों का दावा है कि बढ़ती शिकायतों के बाद बीते 2 मार्च 2026 को पुलिस द्वारा कथित तौर पर रेड की कार्रवाई की गई, लेकिन क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि यह कार्रवाई केवल “खानापूर्ति” बनकर रह गई।
आरोप है कि कुछ समय शांत रहने के बाद अब वही अवैध नेटवर्क नए तरीके से फिर सक्रिय हो गया है।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में इरशाद नामक व्यक्ति अपने कथित गुर्गों के माध्यम से इलाके के सब्ज़ी मंडी वाले पार्क के अंदर खुलेआम गांजा पुड़िया बिकवा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क में दिनभर छोटे बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग टहलने व खेलने आते हैं, लेकिन अब वहां का माहौल असुरक्षा में बदलता जा रहा है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार, पार्क के आसपास संदिग्ध युवकों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे परिवारों में डर का माहौल है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते इस कथित नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा सकती है।
सूत्रों की जानकारी मुताबिक, इस पूरे कथित अवैध कारोबार को क्षेत्र के बीट ऑफिसर ASI रविन्द्र, HC नरेन्द्र और CT सर्वेंद्र की मौन सहमति मिली हुई है।
इन आरोपों की पुष्टि विभागीय जाँच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी, लेकिन क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर चर्चाएं जरूर तेज हो गई हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पार्क जैसे सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम नशे की बिक्री होती रही, तो यह केवल कानून व्यवस्था ही नहीं बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए भी बड़ा खतरा साबित होगा।
अब सवाल यह उठता है कि — क्या पांडव नगर पुलिस इस कथित गांजा नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करेगी या फिर पार्कों में नशे का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।















