जनकपुरी दुष्कर्म मामले AAP ने LG के घर का किया घेराव।

दिल्ली


जनकपुरी दुष्कर्म मामले में न्याय की मांग को लेकर एलजी हाउस के बाहर धरना, एलजी से मिलने नहीं दिया गया



राजधानी दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक निजी स्कूल में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता पिछले करीब पांच घंटों से एलजी हाउस के बाहर धरने पर बैठे हैं और पीड़ित बच्ची को जल्द न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।


धरने में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष Saurabh Bharadwaj, कई पार्षद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजधानी में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकार व प्रशासन को इस मामले में तुरंत और कठोर कदम उठाने चाहिए।



धरने पर बैठे नेताओं ने कहा कि उनकी मुख्य मांग है कि पीड़ित बच्ची को जल्द न्याय मिले, मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


प्रदर्शनकारियों के अनुसार, जब प्रतिनिधिमंडल अपनी बात रखने और उपराज्यपाल से मिलने एलजी हाउस के अंदर गया, तब उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। इसे लेकर नेताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनता की आवाज सुनना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है और ऐसे संवेदनशील मामले में संवाद से बचना बेहद दुखद और निराशाजनक है।


धरना स्थल पर मौजूद नेताओं ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा नहीं मिलता और प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक उनकी आवाज लगातार उठती रहेगी। जनकपुरी की इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

दिल्ली की राजनीति में तेजी से उभरता नाम बनती जा रही हैं नाजिया दानिश।

दिल्ली

दिल्ली की राजनीति में तेजी से उभरता नाम बनती जा रही हैं नाजिया दानिश। अपने बेबाक अंदाज़, जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों और महिलाओं की आवाज़ को मजबूती से उठाने के कारण नादिया दानिश लगातार चर्चा में हैं।



हाल ही में उन्होंने दिल्ली के कई इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा, बढ़ती महंगाई और स्थानीय समस्याओं को लेकर जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने उनका समर्थन किया। नाज़िया दानिश ने कहा कि “राजनीति केवल बयानबाज़ी नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करना है।”

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिस तरह से नाज़िया दानिश ज़मीनी स्तर पर सक्रिय दिखाई दे रही हैं, उससे आने वाले समय में दिल्ली कांग्रेस को नई ऊर्जा मिल सकती है। खास बात यह है कि वे सोशल मीडिया से लेकर जनसभाओं तक अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हो रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में नाज़िया दानिश राजधानी में महिलाओं और युवाओं को जोड़ने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर सकती हैं। उनके बढ़ते जनसंपर्क और सक्रियता को देखकर विपक्षी दलों में भी हलचल तेज हो गई है।

दिल्ली की राजनीति में अब यह चर्चा आम हो चली है कि युवा चेहरों में नादिया दानिश का नाम तेजी से आगे बढ़ रहा है और वे कांग्रेस की मजबूत महिला आवाज़ बनकर उभर रही हैं।

दिल्ली में महिलाओं से संबंधित अपराध पर कांग्रेस नेत्री नाजिया दानिश ने भाजपा को घेरा।

दिल्ली 

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस नेत्री नाजिया दानिश ने रानी बाग इलाके में चलती बस में महिला के साथ हुई कथित गैंगरेप की घटना पर जोरदार आवाज उठाई है। उन्होंने इस घटना को राजधानी की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताते हुए कहा कि दिल्ली में महिलाएं अब खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।



नाजिया दानिश ने कहा कि फैक्ट्री से काम कर घर लौट रही महिला के साथ जिस तरह की दरिंदगी हुई है, उसने पूरे समाज को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं और सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

उन्होंने मांग की कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए, ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सके। साथ ही उन्होंने दिल्ली की सड़कों, सार्वजनिक परिवहन और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कांग्रेस नेत्री नाजिया दानिश ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है और इस तरह की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई बेटी इस तरह की दरिंदगी का शिकार न बने।

हरदोई PM मोदी की ‘गोल्ड अपील’ पर बीजेपी विधायक श्यामप्रकाश का तंज...


हरदोई के गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश अपने बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक नया सोना और ज्वेलरी न खरीदने की अपील किए जाने के बाद भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने सोशल मीडिया पर ऐसा तंज कसा, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।





दरअसल, पीएम मोदी ने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए लोगों से अगले एक साल तक नया गोल्ड न खरीदने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, ऐसे में सोने के आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाना “देशहित” में होगा। प्रधानमंत्री ने लोगों से पुराने गहनों का इस्तेमाल करने और गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को अपनाने की सलाह भी दी थी।


लेकिन पीएम की इस अपील पर भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने अपनी फेसबुक वॉल पर एक ऐसी पोस्ट डाल दी, जिसने पार्टी के भीतर ही असहजता पैदा कर दी। विधायक ने लिखा—“मोदी जी के आह्वान पर मैं इलेक्ट्रिक वाहन लेने पर भी विचार कर रहा हूँ, किन्तु कोई भक्त यह भी बता दे कि बिना मंगलसूत्र और सोने के गहने लिए क्या कोई हिन्दू विवाह हो जाएगा? मेरे बेटे की शादी दिसंबर में है, कहीं बिना सोने के ज़ेवर के बारात वापस न कर दी जाए… या फिर एक साल तक विवाह ही रोक दिए जाएं?”


पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल हो गया। लोगों ने इसे प्रधानमंत्री की अपील पर सीधा व्यंग्य बताया। हालांकि विवाद बढ़ता देख विधायक ने कुछ ही मिनटों बाद पोस्ट डिलीट कर दी, लेकिन तब तक उसका स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो चुका था।


भाजपा विधायक श्याम प्रकाश पहले भी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। कभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कविता लिखकर तो कभी अपनी ही सरकार के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर वह चर्चा में रहे हैं। अब पीएम मोदी की अपील पर उनका यह तंज पार्टी के भीतर नई बहस को जन्म देता नजर आ रहा है।


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा के भीतर से इस तरह की सार्वजनिक प्रतिक्रिया पार्टी नेतृत्व के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकती है। वहीं सोशल मीडिया पर लोग विधायक के बयान को लेकर दो हिस्सों में बंटे नजर आ रहे हैं—एक पक्ष इसे “जमीन से जुड़ा सवाल” बता रहा है, तो दूसरा इसे प्रधानमंत्री की अपील का मजाक उड़ाना मान रहा है।

केरल से असम तक चला सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का जादू ऑब्जर्वर के रूप में कांग्रेस की जीत में निभाई अहम भूमिका

 

नई दिल्ली। 


हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजों में कांग्रेस पार्टी की सफलता के पीछे जिन नेताओं की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उनमें राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। केरल से लेकर असम और बंगाल तक उनके चुनाव प्रचार ने कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक फायदा पहुंचाया है।



कांग्रेस नेतृत्व ने इमरान प्रतापगढ़ी को केरल का सीनियर ऑब्जर्वर बनाकर भेजा था। उन्होंने वहां लंबा समय बिताते हुए लगातार जनसभाएं और रैलियां कीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस और IUML प्रत्याशियों के समर्थन में 26 सीटों पर प्रचार किया और सभी सीटों पर गठबंधन को जीत हासिल हुई। इनमें एक ऐसी सीट भी शामिल रही, जहां पिछले 59 वर्षों से कांग्रेस जीत दर्ज नहीं कर पाई थी। इस बार कांग्रेस ने वामपंथी दलों के मजबूत गढ़ को भी ध्वस्त कर दिया।



राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इमरान प्रतापगढ़ी ने मुस्लिम समाज के बीच मजबूत पकड़ बनाकर कांग्रेस के पक्ष में माहौल तैयार किया। उनके भाषणों और जनसंपर्क अभियानों का सीधा असर चुनाव परिणामों में देखने को मिला।

असम में भी कांग्रेस ने उन्हें विशेष जिम्मेदारी सौंपी। उस समय बदरुद्दीन अजमल और असदुद्दीन ओवैसी की सक्रियता को देखते हुए मुकाबला चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। कांग्रेस ने रणनीति के तहत इमरान प्रतापगढ़ी को असम भेजा, जहां उन्होंने उन नौ विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया जिन्हें विपक्षी दलों ने अपना मजबूत क्षेत्र माना था। चुनाव परिणाम आने पर अधिकांश सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों को जीत मिली।

इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी कांग्रेस ने अपना खाता खोलने में सफलता हासिल की। फरक्का सीट, जहां इमरान प्रतापगढ़ी ने बड़ी जनसभा की थी, कांग्रेस के खाते में जाने के बाद उनके प्रचार अभियान की चर्चा और तेज हो गई है।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार इस चुनाव में गांधी परिवार और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा जिन नेताओं की सबसे अधिक मांग रही उनमें इमरान प्रतापगढ़ी का नाम सबसे प्रमुख रहा। पार्टी नेताओं और  कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी जनअपील, प्रभावशाली भाषण शैली और जमीनी संपर्क ने कांग्रेस को कई अहम क्षेत्रों में मजबूती दिलाई।

दक्षिण भारत से लेकर पूर्वोत्तर और बंगाल तक कांग्रेस के प्रदर्शन में इमरान प्रतापगढ़ी की सक्रिय भूमिका को पार्टी के लिए एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही साथ जिस तरह कांग्रेस का अल्पसंख्यक विभाग आज हर जगह कांग्रेस की संगठन और चुनावी राह आसान कर रहा है और अल्पसंख्यक विभाग और उसके नेता हर जगह कठिन परिश्रम करते दिखाई देते हैं इसका श्रेय भी इमरान प्रतापगढ़ी को जाता है क्योंकि पहली बार ऐसा देखा जा रहा है कि कांग्रेस का अल्पसंख्यक विभाग सारे देश में मजबूती के साथ हर जगह हर चुनाव में दिखाई देता है

हीट वेव से निपटने के लिए एमसीडी का व्यापक एक्शन प्लान तैयार — सत्या शर्मा

दिनांक : 5 मई 2026

नई दिल्ली। 


राजधानी में बढ़ती गर्मी और हीट वेव के संभावित प्रभाव को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने वर्ष 2026 के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इस संबंध में स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि निगम द्वारा तैयार यह एक्शन प्लान दिल्लीवासियों और निगम कर्मचारियों को लू के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बनाया गया है।



सत्या शर्मा ने बताया कि यह योजना दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के ‘हीट वेव एक्शन प्लान-2026’ के अनुरूप तैयार की गई है, जिसमें विभिन्न विभागों की भूमिका स्पष्ट रूप से तय की गई है। इसके तहत एमसीडी के सभी जोनों और विभागों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।


उन्होंने कहा कि योजना के तहत निगम के कार्यालयों, स्कूलों, डिस्पेंसरी और सामुदायिक केंद्रों में ठंडे पेयजल की समुचित व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही पंखे, एयर कूलर और जरूरत के अनुसार अन्य शीतलन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। बाजारों और अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी पीने के पानी की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है।


सत्या शर्मा ने बताया कि पार्कों में आम लोगों के साथ-साथ पक्षियों और जानवरों के लिए भी पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए छाया, पेयजल और ओआरएस किट उपलब्ध कराने का प्रावधान भी इस योजना में शामिल है।


उन्होंने कहा कि निगम के सफाई कर्मचारियों और माली वर्ग के कर्मचारियों को भी ओआरएस किट उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे हीट वेव के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें। साथ ही, उनके कार्य समय को भी गर्मी के अनुसार संतुलित करने का प्रावधान किया गया है।


स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में सत्या शर्मा ने बताया कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें ओपीडी और प्रतीक्षालयों में कूलिंग की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।


उन्होंने यह भी कहा कि कचरे के समय पर निस्तारण को योजना का अहम हिस्सा बनाया गया है, जिससे गर्मी के दौरान उत्पन्न होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों और आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके। इसके अलावा वार्ड स्तर पर हीट वेव से संबंधित जागरूकता बढ़ाने और चेतावनी संदेशों के प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


सत्या शर्मा ने कहा कि एमसीडी का यह एक्शन प्लान व्यापक और जनहित को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है तथा इसका उद्देश्य दिल्ली के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित रखना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे भीषण गर्मी के दौरान सतर्क रहें और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करें।

कांग्रेस अल्पसंख्यकों का अपना घर है : इमरान प्रतापगढ़ी

  

लखनऊ सम्मेलन में 2027 को लेकर  गरजे इमरान प्रतापगढ़ी 

लखनऊ ! 


उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा नेहरू भवन लखनऊ में आयोजित अल्पसंख्यक समाज सम्मेलन में राज्यसभा सांसद एवं अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने विस्तृत और तीखा बयान देते हुए कहा कि “कांग्रेस ही अल्पसंख्यकों का अपना घर है और यह बात इतिहास, संघर्ष और कुर्बानियों से साबित होती है। आज देश एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां नफरत की राजनीति को सुनियोजित तरीके से फैलाया जा रहा है, ताकि जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।”



उन्होंने कहा कि “आज नौजवान बेरोजगारी से परेशान है, किसान संकट में है और महंगाई आसमान छू रही है, लेकिन इन मुद्दों पर बात करने के बजाय समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटने की कोशिश की जा रही है। भाजपा सरकार डर और नफरत की राजनीति कर रही है, लेकिन हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब को कोई खत्म नहीं कर सकता।”


इमरान प्रतापगढ़ी ने आगे कहा कि “यह देश संविधान से चलता है और कांग्रेस ने हमेशा संविधान की रक्षा की है। जब-जब इस देश पर खतरा आया, तब-तब कांग्रेस ने आगे बढ़कर लोकतंत्र और भाईचारे को बचाने का काम किया है। आज कुछ ताकतें संविधान को कमजोर करना चाहती हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। 2024 में जनता ने उनके घमंड को तोड़ा है और 2027 में उत्तर प्रदेश की जनता उन्हें पूरी तरह जवाब देगी।”


उन्होंने कांग्रेस की विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि “मौलाना अबुल कलाम आजाद को देश का पहला शिक्षा मंत्री बनाना हो, डॉ. जाकिर हुसैन को राष्ट्रपति बनाना हो या डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाना—कांग्रेस ने हमेशा हर वर्ग को आगे बढ़ाने का काम किया है। इसी तरह कांग्रेस ने देश को कई मुस्लिम मुख्यमंत्री भी दिए हैं, जिनमें अब्दुल गफूर (बिहार), ए. आर. अंतुले (महाराष्ट्र) और मोहम्मद अलीमुद्दीन (असम) जैसे नाम शामिल हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि पार्टी ने हमेशा अल्पसंख्यकों को नेतृत्व और प्रतिनिधित्व दिया है। इसलिए हम कहते हैं कि कांग्रेस आपका अपना घर है, यहां आप किराएदार नहीं बल्कि मालिक हैं।”


उन्होंने अल्पसंख्यक समाज से अपील करते हुए कहा कि “अब वक्त आ गया है कि आप अपनी सियासी ताकत को पहचानें, बिखराव छोड़ें और एकजुट होकर कांग्रेस को मजबूत करें। उत्तर प्रदेश की राजनीति देश की दिशा तय करती है और अगर यहां बदलाव होगा तो पूरे देश में उसका असर दिखेगा। नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलनी होगी और यही कांग्रेस का रास्ता है।”


इस मौके पर नव-नियुक्त उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सुहैल अंसारी ने विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया।

सुहैल अंसारी ने कहा कि “उत्तर प्रदेश हमेशा देश की राजनीति को दिशा देता रहा है। अब समय आ गया है कि अल्पसंख्यक समाज अपनी ताकत पहचाने और एकजुट होकर कांग्रेस के साथ खड़ा हो। 2027 का चुनाव ऐतिहासिक होगा और इसमें अल्पसंख्यकों की निर्णायक भूमिका होगी। कांग्रेस ही वह पार्टी है जिसने हमेशा हमें सम्मान और भागीदारी दी है और आगे भी हमारे हक की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।”

कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और प्रदेश भर से आए हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

सम्मेलन में संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर स्पष्ट संदेश दिया गया कि कांग्रेस जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Featured Post

जनकपुरी दुष्कर्म मामले AAP ने LG के घर का किया घेराव।

दिल्ली जनकपुरी दुष्कर्म मामले में न्याय की मांग को लेकर एलजी हाउस के बाहर धरना, एलजी से मिलने नहीं दिया गया राजधानी दिल्ली के जनकपुरी स्थित ...