क्या डीडीए 1991 में संसद के बनाए हुए 'वर्शिप एक्ट' को नहीं मानता है? 'मस्जिद टूटने की चीखें नहीं सुनाई देती : इमरान प्रतापगढ़ी

नई दिल्ली


दिल्ली के महरौली इलाके में एक मस्जिद पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बीती 30 जनवरी को गैरकानूनी ढांचा बताते हुए बुलडोजर चला दिया इस मामले पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने संसद में आवाज उठाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सख्त निशाना साधा। 



बता दें कि 30 जनवरी को दिल्ली के महरौली इलाके में करीब 800 साल पुरानी मस्जिद को तोड़ दिया गया था और मस्जिद के साथ ही मदरसे एवं कब्र पर भी बुलडोजर चलाया गया था। अब इस मामले को देश की संसद मे कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने उठाया। 

संसद में उन्होंने कहा कि दिल्ली की दास्तान और कुछ इतिहासिक इमारतों की चीखें लेकर सभापति महोदय मैं आपके सामने खड़ा हूँ उन्होंने कहा इस सरकार के इशारे पर सैकड़ों साल पुरानी मामा भांजा,मंडी हाउस,काका नगर की छोटी छोटी मज़ारों को तोड़ दिया गया है। इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज़ कसते हुए कहा कि अबूधाबी जाकर शेख ज़ायद मस्जिद में मुस्कराते हुए सेल्फी लेने वाले हमारे प्रधानमंत्री जी को महरौली की 700 साल पुरानी अखूंजी मस्जिद के टूटने की चीखें क्यूँ नहीं सुनाई पड़तीं। 


कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने (डीडीए) पर तंज़ कसते हुए कहा जो (DDA) 1957 में गठित हुआ वो अपनी पैदाइश से कई सौ साल पुरानी मस्जिद को अतिक्रमण कैसे कह सकता है, इस दौरान उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या डीडीए 1991 में संसद के बनाए हुए 'वर्शिप एक्ट' को नहीं मानता है? इमरान प्रतापगढ़ी कहा संसद से महेज़ चार क़दम की दूरी पर बनी सुनहरी बाग मस्जिद जिसका सैकड़ों साल पुराना इतिहास है जिसके आंगन मे इंकलाब ज़िन्दाबाद का नारा देने वाले संविधान सभा के सदस्य मौलाना हसरत मोहनी बैठा करते थे लेकिन अब एनडीएमसी को यह मस्जिद अतिक्रमण क्यों नजर आती है? उन्होंने कहा विरासत को सहेजा जाता है उजाड़ा नहीं जाता है। सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा क्या सरकार अधिकारियों पर कारवाई करेगी ? सरकार इस सदन में देश को यक़ीन दिलाये कि एैतिहासिक सुनहरी बाग़ मस्जिद को सुरक्षित रखा जायेगा।

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