ईवीएम को लेकर बवाल! आगामी चुनाव में होगा प्रभाव?

ईवीएम हटाओ संयुक्त मोर्चा ईवीएम के खिलाफ तमाम जगहों पर प्रदर्शन कर रहा है मोर्चे का कहना है ईवीएम में धांधली कर भाजपा जीत रही है जो आगामी चुनाव में हम नहीं होने देंगे।


दिल्ली


जब भी देश के अंदर चुनाव होता है और भारतीय जनता पार्टी जीतती है तो तमाम ईवीएम के ऊपर ठीकरा फोड़ा जाता है। तमाम लोगों का यह आरोप है कि ईवीएम में धांधली कर भारतीय जनता पार्टी चुनाव को जीत रही है। इसी के चलते कई लोगों ने मिलकर ईवीएम हटाओ संयुक्त मोर्चा बनाया जिसके अंदर कई राजनीतिक दल भी शामिल है।




मुख्य रूप से इस मोर्चे को अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह, अधिवक्ता महमूद प्राचा, दिल्ली पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, सामाजिक कार्यकर्ता डीसी कपिल एवं कई लोग मिलकर तीव्रता दे रहे हैं। 


नेतृत्व कर रहे तमाम लोगों का कहना है देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर 2024 चुनाव से पहले ईवीएम के साथ हो रहे खेल को फेल करेंगे। तमाम प्रदर्शन और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश के तमाम लोगों को जागरूक करने की बात कही जा रही है। वहीं इसी के चलते एक मिस्ड कॉल नंबर भी जारी किया गया है। कोर कमेटी के सदस्यों की माने तो इस नंबर पर समस्त देश से लाखों लोगों ने मिस्ड कॉल देकर एवं के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया जा रहा है।


अधिवक्ता महमूद प्राचा , अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह, दिल्ली पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम , सामाजिक कार्यकर्ता डीसी कपिल व अन्य साथी चुनाव आयोग से 50 ईवीएम मशीन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे तमाम कोर कमेटी का यह दावा था यदि चुनाव आयोग उन्हें 50 ईवीएम मशीन देता है तो वह उसमे धांधली करके दिखाएंगे परंतु पुलिस हर बार इन तमाम लोगों को हिरासत में ले लेती है।


ईवीएम हटाओ संयुक्त मोर्चे का यह कहना है 2024 में किसी भी हालत में ईवीएम से चुनाव देश में नहीं होने देंगे अब देखने वाली बात यह है क्या यह काम इ

तना आसान होगा।

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