अरावली विरासत जन अभियान। राजू चलाएं व्यापारी तो प्रजा बने भिखारी।


दिल्ली 

अरावली के पहाड़ आपने सुनी और पढ़े जरूर होंगे हाल ही में जिस तरह से अरावली को बचाने के लिए मुहिम और तमाम संगठन इकट्ठा हुए उसको लेकर बड़ा बवाल देखने को मिला राजनीति भी सक्रिय हुई और कोर्ट के अंदर मामले भी गए। 




अरावली को बचाने के लिए एक यात्रा का आयोजन किया जा रहा है जो 25 जनवरी 2026 से गुजरात से शुरू होगी और अरावली पहाड़ो तक जाएगी जिसको प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से बताया गया। 

राजेंद्र सिंह जिन्हें देश जल पुरुष के नाम से भी जानता है उन्होंने जानकारी देते हुए बताया की अरावली हिल को बचाना बहुत जरूरी है यह यात्रा 700 किलोमीटर की होगी जो 40 दिन में खत्म की जाएगी इस यात्रा में चार राज्य से होते हुए लोगों को जागरूक करेंगे की किस तरह अरावली हमारे जीवन में अहम भूमिका निभा रही है।

वहीं मौजूदा सरकार के बारे में बात करते हुए जल पुरुष ने कहा कि पहले की सरकारी सुनती थी और एक बीच का रास्ता निकाला जाता था पर मौजूदा सरकार आंदोलन कार्यों से डरती है जिसके चलते मुकदमे और जेल अधिक की जा रही है।




इसी के चलते युवा समाजसेवी कुसुम रावत जो आदिवासियों के लिए कार्य करती हैं उनका भी कहना है की संस्कृति को बचाना बहुत जरूरी है और अरावली हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है। निजी संस्थाओं के फायदे के लिए और विकास के नाम पर विनाश परोसा जा रहा है जो भविष्य के लिए बहुत घातक साबित होगा। इसीलिए इस यात्रा में बहुत सारे सामाजिक संगठन शामिल हो रहे हैं जो प्रकृति को बचाने में अपना योगदान दे रहे हैं।

इसी क्रम में बिरसा मिसाइल फोर्स की दिल्ली सचिव अधिवक्ता आरती शाह ने कहा की यूथ को आगे आना होगा और इस प्रकृति को बचाने की क्रिया में हम भी शामिल होंगे साथ ही व्हाट्सएप मिसाइल फोर्स के संस्थापक एडमिन भारतीय भी अपने समर्थकों के साथ इस यात्रा को अंजाम देंगे।

अब वैसे तो कई यात्राएं ऐसी देश के अंदर निकली है लेकिन कई बार सिस्टम इन यात्राओं को किन्हीं कारण वर्षों से फेल कर देता है तो अब यह यात्रा कितना जागरूक और क्या निष्कर्ष निकल पाएगी यह समय रहते ही पता चल पाएगा।

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