नई दिल्ली/पूर्णिया।
पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने संसद के मानसून सत्र के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, छात्रों के भविष्य और सीमांचल क्षेत्र में शिक्षा की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। संसद भवन परिसर में वह अपने परिधान पर "देश के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "आस्था का सौदा नामंजूर" जैसे संदेश लिखवाकर पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं का विश्वास तोड़ा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सीमित सीटों वाले सिनेमा हॉल में ब्लैक में टिकट बिकने की चर्चा होती है, उसी प्रकार प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही हैं। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता बताई।
सांसद ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आंदोलनरत युवाओं पर लाठीचार्ज की आलोचना की और उन नेताओं पर भी टिप्पणी की, जिन्होंने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। अपने ट्वीट में लिखा -
""जंतर मंतर पर आंदोलनरत युवाओं पर बर्बर लाठीचार्ज सरकार की महाबेशर्मी है
उन नेताओं और सांसदों पर भी सवाल है जो उनका साथ देने का वादा किया था वह सब पीठ दिखा कहां गायब हो गए?
कहां तो वादा था आगे बढ़कर लाठी गोली खाएंगे कहां तो गधे के सिर से सिंग की तरह लापता हो गए"
इसके साथ ही पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से राजनीतिक टिप्पणी की और सरकार से लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के सवालों का संतोषजनक जवाब देने के बजाय मूल मुद्दों से ध्यान भटका रही है। एक अन्य ट्वीट में लिखा -
"प्रधानमंत्री जी को अपनी निजी गरिमा का ख्याल न हो तो कम-से-कम पद की मर्यादा रखें
वैसे मैं पीएम साहब की बात कर रहा हूं किसी 76 साल के बच्चे की नहीं!
जिसे मर्यादा/गरिमा की समझ न हो!"
संसद में पूछे गए अपने प्रश्न के माध्यम से पप्पू यादव ने सरकार से जानना चाहा कि क्या बिहार, विशेषकर पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र के विद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के रिक्त पदों तथा बुनियादी ढांचे की कमी की जानकारी सरकार के पास है। उन्होंने पिछले तीन वर्षों में विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत योजनाओं और आवंटित निधि का विवरण भी मांगा। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सीमांचल-कोसी क्षेत्र हेतु किसी विशेष पैकेज पर विचार किए जाने संबंधी जानकारी भी सरकार से मांगी।
सांसद ने कहा कि सीमांचल जैसे शैक्षणिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षकों की नियुक्ति, आधुनिक शैक्षणिक अवसंरचना और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार को ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाने चाहिए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।

