पुलिस का साथ देने वाले वॉलिंटियर, कानून को ताक पर रख! खुलेआम सड़कों पर दे रहे हैं जनता को सजा

*आशू यादव की खास रिपोर्ट SUB Bureau Chif Kanpur*✒️✒️



*घटनाओं पर आधारित क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया दस्तक में पुलिस* *के मुखबिरों को देखा होगा कैसे पुलिस अपने मुखबिरो द्वारा दी गई सटीक जानकारी के अनुसार पूरा केस सुलझा देती है।


 उसी की तर्ज पर कानपुर के डीआईजी अनंत देव तिवारी ने *पूरे शहर में सभी थानों के अंतर्गत डिजिटल वालंटियर S10 को जोड़ने का निर्देश दिया था।
 
 डीआईजी अनंत देव तिवारी ने डिजिटल वालंटियर S10 सदस्यों *को पुलिस के साथ मिलकर समाज को अपराध मुक्त बनाने के लिए इनकी टीम बनाई लेकिन अब येे पुलिस के मुखबिर डिजिटल वालंटियर S10 के सदस्य खुद को किसी पुलिस अधिकारी से कम नहीं समझते।*



*क्षेत्र में रौब झाड़ने के अलावा लोगों को झूठे मामलों में उल्टा फंसाकर उनकी पैरवी कर छुड़वा कर जेब गर्म करने से लेकर के जुआ खिलाने तक का ठेका लेते हैं पुलिस के मुखबिर डिजिटल वालंटियर S10 के सदस्य। इसके पहले कानपुर के रेल बाजार में पुलिस के मुखबिर डिजिटल वालंटियर S10 सदस्यों के संरक्षण में जुआ और सट्टा चलने की खबर भी प्रकाश में आई थी, और पकड़े जाने वालों की पैरवी में झट से जुट जाते हैं। पुलिस के मुखबिर डिजिटल वालंटियर S10 के सदस्य।*


*पुलिस की मुखबिरी तक तो ठीक था लेकिन पुलिस की तरह सजा देने का किसने अधिकार दे दिया…?*



*दरअसल मामला कानपुर के चकेरी थाना अंतर्गत आने वाले जाजमऊ इलाके का है वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि पुलिस के मुखबिर डिजिटल वालंटियर S10 सदस्य बुजुर्ग विक्षिप्त व्यक्ति को रस्सी से बांधकर के किस प्रकार से पीट रहे हैं। और बुजुर्ग दर्द से कराह रहा है बावजूद इसके पुलिस के मुखबिर डिजिटल वालंटियर S10 के सदस्य उस बुजुर्ग व्यक्ति पर डंडे बरसाना बंद नहीं कर रहा है। हमारा सबसे बड़ा सवाल जिले के डीआईजी अनंत देव तिवारी से है कि इन S10 सदस्यों को लाठी से पीटने का अधिकार किसने दिया…?*


    *बताते चलें कि जब इन पुलिस के मुखबिर यानी डिजिटल वालंटियर S10 के सदस्यों का बुजुर्ग को पीटने से मन नहीं भरा तो उसे सड़क पर घसीटते हुए* *लोडर में डाल दिया और सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि जब यह पूरा वाकया हो रहा था उस वक्त मौके पर ना तो कोई पुलिसकर्मी ना ही कोई स्वास्थ्य कर्मी पर मौजूद था। बात अगर हम भारतीय कानून की करे तो किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि पुलिस के पुलिस के मुखबिर डिजिटल वालंटियर S10 सदस्यों को पीटने का अधिकार कैसे मिल गया।*


*हालांकि सीओ कैंट ने पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए जांच की बात कही है सीओ कैंट ने बताया युवक लोगों पर थूक रहा था और लोगों के घरों में घुसने का प्रयास कर रहा था इस वजह से लोगों ने उसे पीटा।


*यदि ये व्यक्ति लोगों के घर में घुस रहा था या फिर थूक रहा था उस वक्त क्या ये सभी युवक किसी पुलिसकर्मी को अवगत नहीं करा सकते थे, उन्हें कानून में लेने का अधिकार किसने दिया और बुरी तरह से एक वृद्ध पर लाठीचार्ज करने का अधिकार किसने दे दिया..?


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