तबलीगी जमाती क्या वाकई में हैं इंसानियत के दुश्मन?

दिल्ली सुल्तानपुरी:-


कोविड-19 के हिंदुस्तान में दस्तक के बाद, धीरे धीरे कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। इस सबके चलते राजधानी दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज को लेकर जम के राजनीति भी हुई और मीडिया ने इसको अपने ही अंदाज में दर्शाया भी।



आज हिंदुस्तान के अंदर बड़े कोरोनावायरस के आंकड़ों में जमातियों की अहम भूमिका बताई जा रही है। देश के अंदर तकरीबन 10 से 12 जगहों पर पुलिस और डॉक्टरों के ऊपर हमला हुआ। परंतु सुर्खियों में सिर्फ वह स्पॉट लिए गए जहां पर एक विशेष समुदाय के लोगों को हाईलाइट किया गया। 



तबलीगी जमातीयों को एक विलेन के रूप में समाज के सामने प्रस्तुत किया गया। क्योंकि बीमारी किसी धर्म विशेष के लिए नहीं होती है बावजूद इसके जमातीयों या फिर कहा जाए कि मुस्लिम समुदाय के ऊपर इसका मटका फूटा है। परंतु इस सबके बावजूद आज कई जगहों पर यह भी देखने को मिला है कि मुस्लिम समुदाय या जमातीयो ने पुलिस पर फूल भी बरसाए और डॉक्टर्स का सम्मान भी किया। 


तबलिगी जमातीयों को ही लेकर एक खबर सामने आई है जिसमें राजधानी दिल्ली के अंदर सुल्तानपुरी क्वॉरेंटाइन सेंटर में मुस्लिम समुदाय के लोग व तबलीगी जमात के लोग अपना प्लाज्मा दान कर रहे हैं। जिससे कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों को ठीक किया जा सके। प्लाज्मा दान कर रहे लोगों का यह कहना है कि वह देश और देशवासियों के लिए अपना प्लाज्मा दान कर रहे हैं ताकि हमारे देश हिंदुस्तान से कोरोना वायरस को भगाया जा सके और हमारे भाई चाहे वह जिस भी धर्म विशेष के हो उन सभी को हम अपना प्लाज्मा देकर उनकी जान बच आएंगे। और आज के समय में धर्म की राजनीति कर रहे लोगों के खिलाफ एक बड़ा आईना दिखाएंगे कि आज भी देश के अंदर धर्म के आधार पर राजनीति खुजली है इंसान और इंसानियत सबसे ऊपर। ‌


इसी संदेश के साथ सैकड़ों मुस्लिम समुदाय के लोग व तबलीगी जमात के लोग अपना प्लाज्मा देश और देशवासियों के लिए दान कर रहे हैं।


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