भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय की बैठक में सांसद पप्पू यादव ने उठाया पूर्णिया का मुद्दा

 *भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय की बैठक में सांसद पप्पू यादव ने उठाया पूर्णिया का मुद्दा* 


*कहा - ऊर्जा उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण तीनों क्षेत्रों में हो संतुलित निवेश*



पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में बिहार, विशेषकर पूर्णिया, कोसी, सीमांचल और मिथिलांचल क्षेत्र की ऊर्जा संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। चंडीगढ़ के होटल जे.डब्ल्यू. मेरियट में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने कहा कि देश में ऊर्जा क्षेत्र में केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को भी उतनी ही मजबूती प्रदान करनी होगी, ताकि आम लोगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध हो सके। इस दौरान उन्होंने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर और विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री; और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री श्रीपाद येसो नाईक से भी मुलाकात की, जिसमें उन्होंने पूर्णिया ऊर्जा का केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया।  


बैठक के दौरान सांसद पप्पू यादव ने ऊर्जा क्षेत्र में दी जा रही सब्सिडी की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार सौर ऊर्जा और अन्य परियोजनाओं में सब्सिडी देने की बात करती है, लेकिन उसका वास्तविक लाभ आम उपभोक्ता तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना की लागत एक लाख रुपये है और उस पर 30 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है, तब भी उपभोक्ता को बड़ी राशि स्वयं वहन करनी पड़ती है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सरकारी सहायता का प्रत्यक्ष लाभ जनता को मिले, न कि केवल कंपनियों को।


सांसद ने बिहार की बिजली व्यवस्था की जमीनी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश या आंधी आने पर भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। कई जगहों पर पुराने तार, कमजोर ट्रांसमिशन नेटवर्क और अपर्याप्त बुनियादी ढांचे के कारण उपभोक्ताओं को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से ट्रांसमिशन लाइनों के आधुनिकीकरण, नए पोल और बेहतर वितरण व्यवस्था पर विशेष निवेश की मांग की।


पप्पू यादव ने स्मार्ट मीटर को लेकर जनता के बीच व्याप्त शिकायतों और आशंकाओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को पारदर्शिता के साथ लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं का विश्वास बना रहे। इसके साथ ही उन्होंने बिहार में जलविद्युत परियोजनाओं की अपार संभावनाओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए नवादा-रजौली समेत अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में हाइड्रो पावर परियोजनाएं विकसित करने की मांग की।


सांसद ने कहा कि यदि ऊर्जा उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण तीनों क्षेत्रों में संतुलित निवेश किया जाए, तो बिहार न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकेगा, बल्कि भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर राज्य के रूप में भी उभर सकता है। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार पर बल देते हुए कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, किफायती, पारदर्शी और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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