देश का युवा बेरोज़गारी से तंग आकर हर एक घंटे में कर रहा है आत्महत्या

देश का युवा बेरोजगारी से तंग आकर हर 1 घंटे में कर रहा है आत्महत्या।



2018 नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार भारत देश के 134516 युवाओं ने बेरोजगारी के चलते खुदकुशी की।


इन युवाओं में युवकों की संख्या 92114 और युवतियों की संख्या 42391 है। चौंकाने वाली बात यह है कि हमारे देश का यूथ हर साल एक लाख से ज्यादा सिर्फ बेरोजगारी के चलते अपनी जान गवा देता है।


एनसीआरबी गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है और 2018 की रिपोर्ट के तहत युवाओं की आत्महत्या करने की संख्या 2017 से भी ज्यादा है।


देश के अनेक राज्यों में युवाओं और युवतियों ने बेरोजगारी के चलते आत्महत्या करी जिसमें से 12236 मतलब 9.6% वह लोग हैं जिनकी आयु 18 वर्ष से कम और 60 साल से अधिक है। 


देश के राज्यों में सबसे ज्यादा आत्महत्या केरल 1585, तमिलनाडु 1589, महाराष्ट्र 1260, कर्नाटक 1094, उत्तर प्रदेश 902 व अन्य राज्य शामिल है।


2017 की तुलना में 2018 में 0.3% की बढ़ोतरी आई है। सरकारी नौकरी वाले युवकों ने भी आत्महत्या की है जिनकी संख्या 1707 है। वहीं प्राइवेट सेक्टर जिसमें बीते ही कुछ समय में कई बड़ी कंपनियां उद्योग समाप्त हो गए हैं ऐसे सेक्टर्स में नौकरी करने वाले 8246 यानी 6.1% है।


अगर देश के किसानों की बात की जाए यह खेत में जो खेती करते मजदूर हैं उनकी बात की जाए तो 10350 मजदूर बेरोजगारी के चलते खुदकुशी कर चुका है। वही 11 ट्रांसजेंडर्स ने भी खुदकुशी की है।


यह रिपोर्ट बहुत ही चौका देने वाली है और हर साल हमारे देश का युद्ध एक लाख से ज्यादा सिर्फ बेरोजगारी के चलते अपनी जान गवा देता है आत्महत्या कर लेता है।


शासन प्रशासन को चाहिए कि वह हमारे देश का युद्ध जो भविष्य है जो देश को अग्रसर करेगा उसके ऊपर उसके रोजगार के ऊपर ध्यान केंद्रित कर कुछ कदम उठाए।



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