और बढ़ सकता है कोरोनावायरस का प्रकोप

*कानपुर ब्रेकिंग।*
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  *आशू यादव की कलम      कानपुर से खास रिपोर्ट।*



*अभी और बढ़ सकता है कोरोना का मामला*



*स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि दुनिया में अभी कोरोना का प्रकोप अपने चरम पर नहीं पहुंचा है और आगे इसमें और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। लेकिन एक तरफ जहां दुनिया में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है, वहीं कई देश इसे रोकने में सफल भी रहे हैं। उनके अनुसार भारत सरकार उनके साथ संपर्क में है। चीन का उदाहरण सामने है जो 120 दिनों के भीतर बुहान में कोरोना को रोकने में सफल रहा। उनके अनुसार पिछले सात दिन से बुहान में कोरोना का एक भी केस सामने नहीं आया है। इसी तरह जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर भी कोरोना मरीजों की शुरूआती बढ़त को थामने में सफल रहा है।*



*कम्युनिटी ट्रांसमिशन के फेज तीन तक रोकने में जुटी सरकार*


*जिन देशों में कोरोना प्रसार कम तेजी हुआ, वहां न तो चिकित्सा व्यवस्था चरमराई और न ही इससे होने मौतों की संख्या बेतहाशा बढ़ी। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभी सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि कोरोना वायरस को कम्युनिटी ट्रांसमिशन के फेज तीन तक पहुंचने से कैसे रोका जाए और यदि कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो भी उसकी इटली, चीन, इरान और अन्य यूरोपीय देशों जैसी तीव्रता नहीं हो।*


*कम्युनिटी ट्रांसमिशन की गति को कम करने में सामाजिक दूरी की अहमियत को समझाते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि यदि सामान्य रूप से एक व्यक्ति हर दिन ढाई लोगों को कोरोना से ग्रसित करता है, तो एक महीने में 400 लोग उससे ग्रसित हो चुके होंगे। वहीं 6*
*सामाजिक दूरी का पालन करने से यदि वह व्यक्ति इससे आधे लोगों को ही ग्रसित करने में सफल होता तो पूरे एक महीने केवल 115 लोग ही उससे ग्रसित होंगे। जाहिर है यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी और कोरोना के प्रसार की तीव्रता इससे कई गुना कम हो जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चीन को भी बुहान में कोरोना को रोकने के लिए मजबूरी में यही करना पड़ा और दूसरे देशों को भी यही करना पड़ रहा है। दरअसल वाइरस से लड़ाई में स्थानीय स्तर पर भी लोगों के अंदर क्षमता तैयार होती है। वुहान में भी यही देखा गया है।*


*50 हजार एन-95 मास्क हर दिन खरीद रही है सरकार*


*जहां कोरोना के मरीजों के लिए अलग-थलग वार्ड बनाने की तैयारी जोरों पर है, वहीं उनके इलाज में लगने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जरूरी मास्क व अन्य उपकरणों की जरूरत भी बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जरूरी एन-95 मास्क को ही लें। राज्य सरकारें केंद्र सरकार से लगातार अधिक-से-अधिक यह मास्क उपलब्ध कराने की मांग कर रही है। लेकिन समस्या यह है कि इस मास्क को महाराष्ट्र की केवल एक ही कंपनी बनाती है।*


*वहीं इस मास्क में सांस लेने के लिए लगने वाला वेंटिलेशन गियर चीन से आता था। मांग को देखते हुए कंपनी ने किसी दूसरे देश से वेंटिलेशन गियर मंगवाना शुरू किया है। लेकिन साफ कर दिया है कि वह हर दिन 50 हजार से अधिक मास्क नहीं बना सकती है। केंद्र सरकार ने कंपनी को हर दिन बनने वाले सभी 50 हजार मास्क सप्लाई करने का आर्डर भी दे दिया है।*


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