निर्भया केस: फांसी रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय पहुंचे दरिंदे, फिर रुकेगी फांसी?

*कानपुर ब्रेकिंग न्यूज़ इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है।*
*आशू यादव की कलम कानपुर से खास रिपोर्ट*
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*निर्भया केस: फांसी रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय पहुंचे दरिंदे, फिर रुकेगी फांसी?*



  *नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में चारों दोषियों में से तीन ने अपनी फांसी टालने के लिए अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है। बताया जा रहा है कि दोषी अक्षय, पवन और विनय ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट (International  of Justice) में अर्जी लगाई है। चारों दोषियों ने आईसीजे को पत्र लिखकर फांसी टालने की अपील की है। चारों दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा है कि फांसी की सजा के खिलाफ दुनियाभर के विभिन्न संगठनों ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया है।*


*एपी सिंह ने बताया कि इस केस में दुनियाभर के लोग इंट्रेस्ट ले रहे हैं। विदेशों में बसे लोगों को भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। इसलिए उन्होंने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कहा कि चारों दोषियों और उनके परिजनों को भारतीय न्याय व्यवस्था और राष्ट्रपति पर भरोसा है। परिवार के लोग चाहते हैं कि राष्ट्रपति चारों दोषियों को इच्छामृत्यु की इजाजत दें।*


*बता दें कि आईसीजे में केवल दो देशों के विवाद का केस सुना जाता है। जानकारों का मानना है कि निर्भया के दोषियों का केस व्यक्तिगत है, इसलिए कम ही उम्मीद है कि आईसीजे इसपर सुनवाई के लिए विचार करे। इससे पहले सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मुकेश सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने अपने सभी कानूनी उपायों को यह कहते हुए बहाल करने का अनुरोध किया था कि उसके पुराने वकील ने उसे गुमराह किया था*