कुशीनगर दो अलग अलग थानों में पत्रकार पर फर्जी केस

कुशीनगर दो अलग अलग थानों में पत्रकार पर फर्जी केस


     कुशीनगर  दो अलग अलग थानों में पत्रकार पर फर्जी केस दर्ज कर जेल भेजने के बाद पुलिस भले अपनी पीठ थपथपा ली हो पर 168 घण्टे भी पत्रकार अखिलानन्द को देवरिया जेल रोक नही पाई और कुशीनगर न्यायालय ने पत्रकार अखिलानन्द को तब वेल दे दिया जब कोर्ट के समक्ष पुलिस द्वारा पर्याप्त साक्ष्य नही उपलब्ध कराने पर श्री राव को निर्दोष करार देते हुए न्यायालय ने कुशीनग़र जिले के पत्रकार को वेल दे दिया।



 कुशीनग़र जिले में बेवाक पत्रकारिता करने वाले अखिलानंद राव शुक्रवार को देवरिया जेल से रिहा होकर अपने घर आ गए ।श्री अखिलानन्द राव से एक सवाल पूछे जाने पर क्या पुलिस द्वारा इतनी गम्भीर आरोप में मुकदमा लिख जेल भेज दिया तो इतना जल्दी रिहाई कैसे हुआ।इस सवाल पर अखिलानन्द राव ने कहा कि असत्य पर सत्य का विजय हमेशा हुआ है और मुझे पुलिस के बारे में कुछ नही कहना है पुलिस ने जो चाहा किया और हमने उनके किये गए जुर्म को स्वीकार किया।क्योकी मुझे मालूम था इस युग मे अभी सब कुछ पुलिस नही है अगर सबकुछ पुलिस होती तो अभी मैं जेल में ही होता।मैं माननीय न्यायालय को धन्यबाद देता हूं ।


आइये  हम आपको ले चलते है उस अधिवक्ता के पास जिन्होंने अखिलानन्द राव के केश में पैरबी की कुशीनग़र जिले के कसया निवासी श्री जलज  सिंह ने बताया कि अखिलानन्द राव के मामले में जो भी आरोप पुलिस द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट में लगाया गया था जिसमे सुनवाही के दौरान पर्याप्त साक्ष्य नही प्रस्तुत करने सीजेएम एवम जिला सत्र न्यायालय ने अखिलानन्द को रिहा कर दिया।