ज़करबर्ग ने कपिल मिश्रा के बयान को बताया भड़काऊ, एक्ट्रेस बोलीं- इसके बावजूद वो जेल में नहीं है।

  • *ज़करबर्ग ने कपिल मिश्रा के बयान को बताया भड़काऊ, एक्ट्रेस बोलीं- इसके बावजूद वो जेल में नहीं है*


 


08/06/2020 M RIZWAN 


 


भले ही भारत की सबसे बड़ी अदालत कपिल मिश्रा के उस बयान को भड़काऊ ना मान रही हो जिसे उन्होंने दिल्ली दंगों से पहले दिया था, लेकिन फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग की मानें तो उनका बयान साफ तौर पर हिंसा को उकसाने वाला था।



जकरबर्ग ने ये बात तब मानी जब उन्होंने कपिल मिश्रा के बयान की तुलना अमेरिकी राषट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस बयान से की, जिसमें उन्होंने अमेरिका में लगातार बढ़ते प्रदर्शन को देख कहा था कि “लूट शुरू होते ही गोली मारने की भी शुरुआत हो जाएगी”।


दरअसल, ट्रंप के इस बयान को लेकर फ़ेसबुक की जमकर आलोचना हो रही थी। लोग सवाल उठा रहे थे कि फेसबुक ट्रंप के इस भड़काऊ बयान को क्यों नहीं हटा रहा।


 


इन्हीं सवालों का जवाब देते हुए जकरबर्ग ने कपिल मिश्रा के भड़काऊ बयान का ज़िक्र किया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए अपने 25 हज़ार कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘हिंसा को उकसाने वाले भाषणों के खिलाफ हमारी पॉलिसी है। दुनियाभर में ऐसे नेताओं के भाषणों के उदाहरण हैं जिनको हमने हटाया है। भारत में भी ऐसे केस हुए। वहां किसी ने कहा था कि अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को नहीं हटाती है तो मेरे समर्थक जानते हैं कि सड़क को कैसे खाली करवाना है।’


 


जकरबर्ग ने कहा कि यह समर्थकों को भड़काने जैसा था इसलिए हमने इसे हटाया भी। लेकिन ट्रंप का बयान शासन को मजबूत करने की तरफ इशारा करता था। वो आपत्तिजनक नहीं था, इसलिए हमने उसे नहीं हटाया।


 


हालांकि, जकरबर्ग ने इस दौरान कपिल मिश्रा का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने जिस घटना का उदाहरण दिया उससे यह साफ पता चलता है कि वह बीजेपी नेता कपिल मिश्रा की ही बात कर रहे थे।


वहीं जकरबर्ग के बयान पर बॉलीवुड एक्ट्रेस कुब्रा सैत ने ट्विटर पर लिखा-


 


*और अभी भी वह स्वतंत्र रूप से घूमता है। सभी ने इसे देखा। हालांकि कुछ बहुत महत्वपूर्ण लोगों ने अत्याचार की ओर से आंखें मूंद लीं।*


 


https://twitter.com/KubbraSait/status/1269491219895222279?s=19


 


बता दें कि कपिल मिश्रा ने दिल्ली में सीएए विरोधी प्रदर्शन के बीच पुलिस को अल्टीमेटम दिया था कि अगर तीन दिन में उसने प्रदर्शनकारियों को नहीं हटाया तो उनके समर्थक यह काम करेंगे। इसके बाद राजधानी में हुई हिंसा में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।