*पूर्णिया–दिल्ली उड़ान रद्द होने पर सांसद पप्पू यादव ने नागरिक उड्डयन मंत्री से की मुलाकात, पूर्णिया की हवाई कनेक्टिविटी पर जताई गहरी चिंता*
*मुंबई - दिल्ली - पूर्णिया के लिए अकाशा की फ्लाइट, मंत्री ने दी जानकारी*
*19 जनवरी से पूर्णिया से रद्द उड़ान को लेकर रक्षा सचिव को मंत्री ने लिखा पत्र : सांसद*
पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से मुलाकात कर पूर्णिया एयरपोर्ट से जुड़ी अहम समस्याओं और संभावनाओं को मजबूती से उठाया।
उन्होंने विशेष रूप से पूर्णिया–दिल्ली इंडिगो की एकमात्र सीधी उड़ान को 19 से 26 जनवरी 2026 तक बिना किसी पूर्व सूचना के रद्द किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे सीमांचल–कोसी क्षेत्र के साथ अन्याय बताया।
जिस पर मंत्री ने त्वरित संज्ञान लिया और रक्षा सचिव से बात कर उन्हें उड़ान बाधित ना करने के लिए पत्र भी लिखा। इसके अलावा मंत्री ने पूर्णिया को एक और सौगात देने की बात सांसद पप्पू यादव को बताया, जिसमें उन्होंने कहा कि अकाशा एयरलाइन कंपनी से मुंबई - पूर्णिया - दिल्ली की उड़ान के लिए बात हुई है। जल्द ही यह सेवा बहाल भी कर दी जाएगी।
इससे पहले सांसद ने मंत्री को अवगत कराते हुए कहा कि 26 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई पूर्णिया–दिल्ली सीधी उड़ान ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव लाया था। रोजाना लगभग 200 यात्री इस सेवा से लाभान्वित हो रहे थे, जिनमें छात्र, गंभीर रोगी, व्यवसायी, सरकारी कर्मी और रोज़गार के लिए आने-जाने वाले आम लोग शामिल थे। अचानक पूरे आठ दिनों के लिए उड़ान रद्द कर देना न केवल यात्रियों के साथ अन्याय है, बल्कि जनता की भावना के भी खिलाफ है।
उन्होंने मंत्री को बताया कि गणतंत्र दिवस के दौरान दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर केवल 2.5 घंटे की नो-फ्लाई विंडो लागू होती है, जिसके अनुसार देशभर की सैकड़ों उड़ानों का शेड्यूल समायोजित कर संचालन जारी रहता है। ऐसे में पूर्णिया–दिल्ली जैसी महत्वपूर्ण क्षेत्रीय सेवा को पूरे आठ दिन बंद कर देना असंगत और अनुपातहीन निर्णय है। न मौसम की बाधा है, न तकनीकी खराबी, और न ही इंडिगो की ओर से कोई लिखित कारण दिया गया है।
पप्पू यादव ने कहा कि इस निर्णय से सर्दी की छुट्टियों के बाद दिल्ली, एनसीआर और बेंगलुरु में पढ़ने वाले हजारों छात्र समय पर अपनी पढ़ाई में वापस नहीं लौट पाएंगे। वहीं, दिल्ली के बड़े अस्पतालों में इलाजरत मरीजों और उनके परिजनों को मजबूरन लंबी रेल या सड़क यात्रा करनी पड़ेगी, जो स्वास्थ्य के अधिकार का भी उल्लंघन है। व्यापार, प्रशासन और रोज़गार से जुड़े लोगों के लिए यह सेवा जीवनरेखा थी।
सांसद ने मांग की कि 19–26 जनवरी के दौरान उड़ान का शेड्यूल समायोजित कर संचालन बहाल किया जाए, इंडिगो से लिखित कारण मांगा जाए और यात्रियों को मुआवजा व री-बुकिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में किसी एकमात्र रूट को पूरी तरह बंद करने से पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय की पूर्व अनुमति अनिवार्य की जाए तथा DGCA पोर्टल पर यात्रियों के लिए विशेष शिकायत सेल बनाई जाए।
इसके साथ ही उन्होंने पूर्णिया एयरपोर्ट से पटना, रांची, पूर्णिया–बागडोगरा–गुवाहाटी जैसे मार्गों पर ATR श्रेणी के विमानों का नियमित संचालन शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं को UDAN योजना के तहत शामिल किया जाए ताकि किफायती किराए पर आम लोगों को हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके और सीमांचल–कोसी क्षेत्र सीधे राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ सके।
पप्पू यादव ने आगे कहा कि पूर्णिया, बिहार के सीमावर्ती जिलों के साथ उत्तर बंगाल, नेपाल और असम को जोड़ने वाला एक संभावित क्षेत्रीय हब है। पूर्णिया–गुवाहाटी–दिल्ली, पूर्णिया–पटना–दिल्ली, पूर्णिया–हैदराबाद, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे मार्गों पर नियमित उड़ानें शुरू होने से शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी। इसके लिए इंडिगो, आकासा, एयर एशिया जैसी एयरलाइंस को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
अंत में सांसद ने कहा कि पूर्णिया एयरपोर्ट का बुनियादी ढांचा अब पूरी तरह तैयार है, लेकिन उड़ानों की कमी के कारण क्षेत्र की विकास संभावनाएं सीमित हो रही हैं। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री से आग्रह किया कि जनहित को देखते हुए पूर्णिया से देश के प्रमुख महानगरों के लिए नियमित वाणिज्यिक उड़ानों को प्राथमिकता दी जाए। मंत्री ने आश्वासन दिया कि संबंधित मुद्दों पर मंत्रालय गंभीरता से विचार करेगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
