नई दिल्ली, दिनांक 04 मई 2026:
आज सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के सांसद Rajesh Ranjan की याचिका पर सुनवाई की। इस याचिका में Lawrence Bishnoi gang से जान से मारने की धमकियों का मुद्दा उठाया गया है।
यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने आया।
सुनवाई के दौरान बताया गया कि पप्पू यादव की सुरक्षा से जुड़ी याचिका 19 नवंबर 2024 से हाई कोर्ट में लंबित है, लेकिन कई बार कहने के बावजूद उस पर सुनवाई नहीं हो रही है।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील Shadan Farasat और अधिवक्ता कनिष्क अरोड़ा ने कोर्ट को बताया कि उन्हें अभी सिर्फ “Y कैटेगरी” की बहुत सीमित सुरक्षा (सिर्फ दो सुरक्षाकर्मी) मिली हुई है, जबकि खतरा काफी गंभीर है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार के एक सदस्य पर हमला करने की कोशिश भी हुई है।
कोर्ट को यह भी बताया गया कि हाई कोर्ट का नोटिस ऑर्डर तक अपलोड नहीं हुआ है, जिसकी वजह से आगे की कानूनी प्रक्रिया भी रुक गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आम तौर पर वह ऐसे मामलों में सीधे दखल नहीं देता जो हाई कोर्ट में लंबित हों। लेकिन इस मामले में लंबे समय से सुनवाई न होने की स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने राहत दी और कहा कि याचिकाकर्ता हाई कोर्ट में आवेदन देकर अपनी याचिका की जल्दी सुनवाई की मांग कर सकता है और उम्मीद जताई कि हाई कोर्ट इस पर उचित और जल्दी निर्णय लेगा।
मीडिया प्रभारी का बयान:
“यह एक असाधारण स्थिति थी, जहां एक सांसद को गंभीर धमकियां मिल रही हैं और उनकी याचिका महीनों तक सूचीबद्ध नहीं हो रही थी। सुप्रीम कोर्ट आमतौर पर ऐसे मामलों में सीधे हस्तक्षेप नहीं करता, लेकिन इस मामले में कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया कि न्याय की प्रक्रिया आगे बढ़े। यह आदेश इस बात का संकेत है कि ऐसे गंभीर मामलों को अनदेखा नहीं किया जा सकता।”
मामले की जानकारी:
मामला: राजेश रंजन @ पप्पू यादव बनाम भारत संघ
केस नंबर: W.P. (Criminal) No. 164/2026
याचिका दायर: अधिवक्ता कनिष्क अरोड़ा

