दिल्ली स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दिल्ली के स्वास्थ्य मॉडल की खोली पोल!

दिल्ली


तमाम लोग कहते हैं किसी भी देश की तरक्की के लिए स्वास्थ्य सेवाएं अहम भूमिका निभाती है। परंतु स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी निरंतर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।



देश की राजधानी दिल्ली में सैकड़ों की तादाद में स्वास्थ्य कर्मचारी जो तमाम डिस्पेंसरी और अन्य स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे थे। तमाम लोगों का कहना है बीते तीन माह से उनका वेतन सरकार ने नहीं दिया है। साथी कर्मचारियों को सालों बीत जाने के बाद भी आज तक वह पक्के नहीं हो पाए। 


कर्मचारियों के नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कानून के अंदर प्रावधान है कि इन्हें पक्का किया जाए परंतु सरकार अपने कमिशन और भ्रष्टाचार के चलते सालों कम करने के बाद भी तमाम कर्मचारियों को पक्का नहीं कर रही है। ‌





ठेकेदारी हटाओ राष्ट्र संयुक्त मोर्चे के नेता राजकुमार धींगान और डीसी कपिल ने जानकारी देते हुए बताया सरकार से यदि 100% फंड आता है तो कर्मचारी तक आते-आते 40% ही रह जाता है ऊपर का 60% नेता और अधिकारी बंदरबाट कर खा जाते हैं। यह एक बड़ा कारण है जिस कारण कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाता है। 


सालों से विभाग में रिक्त स्थान होने के बावजूद भी कर्मचारियों को ठेकेदारी के तहत नौकरियों पर रखा जाता है और रिश्वत भी ली जाती है। यहां तक कि निम्न भत्ता एक्ट के तहत तमाम कर्मचारियों को भत्ता नहीं दिया जाता। सालों बीच जाने के बाद भी प्रत्येक राजनीतिक दल राजनीति कर अपनी सत्ता हासिल करता है परंतु सालों से परेशान हो रहे कर्मचारियों का ध्यान कोई नहीं रखता। 


तमाम मजदूर नेताओं का कहना है यदि इस बार सरकार ने नहीं सुना तो यह अनिश्चितकालीन धरना चलता रहेगा।



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